Description
मिहिरा: आज के युवा के लिए ‘स्पिरिचुअल सेलिब्रिटी’ और जीवन-सेतु आज का युवा सफल तो है, पर क्या वह सार्थक है? सुख-सुविधाओं के बीच पनपती आंतरिक रिक्तता और डिजिटल शोर के बीच खोती शांति का समाधान 550 साल पहले जनमी एक राजयोगिनी के पास है – मिहिरा (मीराबाई)। यह केवल एक संत की कथा नहीं, बल्कि ‘बर्नआउट’ और ‘एंग्जायटी’ से जूझती पीढ़ी के लिए एक आध्यात्मिक मास्टरक्लास है। मिहिरा सिखाती हैं कि सच्ची क्रांति बाहर नहीं, भीतर घटती है। राजसी वैभव को त्यागकर ‘फकीरी’ को आभूषण बनाने वाली मिहिरा, आज के ‘मिनिमलिज्म’ और ‘सेल्फ-लव’ का सबसे प्राचीन और प्रामाणिक उदाहरण हैं। इस पुस्तक/अवधारणा की खासियत: तर्क और विज्ञान का संगम: कैम्ब्रिज और ऑक्सफोर्ड जैसे संस्थानों के शोध के साथ मीरा के जीवन के अनसुलझे रहस्यों का विश्लेषण। मौन और मस्ती: सोशल मीडिया के प्रदर्शन युग में ‘मौन’ की शक्ति और बिना किसी डिग्री के ‘मैनेजमेंट गुरु’ बनने की कला। कृष्ण-प्रेम का मनोविज्ञान: कैसे समर्पण से अवसाद (Depression) को आनंद में बदला जा सकता है। मिहिरा कोई बीता हुआ इतिहास नहीं, बल्कि वह ‘लाइव एनर्जी’ हैं जो आज भी हमें अपनी शर्तों पर, निडर होकर और नाचते-गाते जीना सिखाती हैं।



Reviews
There are no reviews yet